छोटे मियां बड़े मियां निकली बहुत ही बुरी फिल्म है? Chote Miyan Bade Miyan Movie Review

Chote Miyan Bade Miyan Movie Review

Chote Miyan Bade Miyan Movie Review

छोटे मियां बड़े मियां यह मूवी निकलते ही शुरुआत में लोगों का क्रश तो बहुत था कि यार अक्षय कुमार और टाइगर श्रॉफ एक ही स्क्रीन में दिख रहे हैं मतलब पिक्चर में कुछ तो बात होगी। लेकिन जैसे-जैसे लोग मूवी देखने गए वैसे-वैसे ही जल्दी बाहर निकल गए। मेरा मतलब कि लोगों को इतनी पिक्चर बुरी लगी कि लोग दूसरे के पास सजेस्ट ही नहीं कररहे की, यह पिक्चर जाकर देखो।

जैसे कि, पहले के जमाने के लोग। अगर उन्हें कोई पिक्चर पसंद आती तो वह दूसरों को जाकर जरूर बताते कि, यह पिक्चर बहुत ही बढ़िया है आपको भी देखनी चाहिए। लेकिन यह रही आज की फिल्म जिसे लोगों को पसंद बिल्कुल नहीं आ रही और वो किसी को बताना भी नहीं चाहते कि, यह मूवी जाकर देखो।

छोटे मियां बड़े मियां मूवी रिव्यू में आपको ऐसी चीज पता चलेगी जो आपको हंसा देगी, आपको गुस्सा देगी और आपको कई सारे इमोशन से भर देगी। तो चलिए शुरू करते हैं।

छोटे मियां बड़े मियां मूवी बनाई एआय ने?

अगर तुम चैट जीपीटी से भी स्टोरी लिखने का ट्राई करोहे तो वो बहुत अच्छी स्टोरी लिखलेगा लेकिन यह ह्यूमन राइटर्स इतनी घटिया फिल्म लिख ही कैसे सकते हैं? ऐसे लोग बहुत ही कह रहे हैं। लोग बोल रहे हैं कि, इन्हें लगा भी कैसे की इतनी घटिया स्टोरी पर पिक्चर चल जाएगी।

अगर आपको एक्शन फिल्म पसंद है और आपको लग रहा है कि यह एक बहुत ही एक्शन फिल्म है तो मेरा आंसर होगा बिल्कुल भी नहीं। यह एक ऐसी एवरेज एक्शन फिल्म है जो आपको पसंद आ भी सकती है और नहीं भी।

यह वही फिल्म है जिसमें दो-तीन गाने भी होंगे जो एक्शन फिल्म का मूड ही खराब कर देगी। आपको लग रहा होगा कि, यह पिक्चर बहुत ही अच्छी होगी क्योंकि इसमें वीएफएक्स, सिगिआई और इतना ही नहीं बल्कि यह फिल्म यूके में शूट की है तो भाई मैं आपको बताना चाहता हूं यह मूवी देखकर तुम खुद ही बोलोगे कि बच्चे ने बनाई होगी फिल्म इतनी घटिया है।

Chote Miyan Bade Miyan Movie Review

बड़े मियां छोटे मियां कहानी सारांश

छोटे बच्चों का कार्टून का जैसा शुरुआत होता है इस तरह इस मूवी की भी शुरुआत कुछ ऐसे हुई है – मूवी में दिखाया जाता है कि विज्ञान, एआई, रोबोट ने यह दुनिया बहुत आगे ले गई है। यह दुनिया बहुत ही साइंटिफिक हो गई है सिर्फ साइंस और साइंस ही चल रहा ह।

पृथ्वीराज शिव कुमार यह होने वाले हैं इस फिल्म के विलन जिनको मूवीमें कबीर नाम से जाना जाता है। कबीर इंडिया से बहुत ही नफरत करते हैं इतनी नफरत कि, वह भारत के जवानों से लड़ पड़ेंगे और आपको जानकर हैरानी होगी की कबीर ने 15 साल अपनी जिंदगी की एक ऐसे विज्ञान में लगाए थे जो विज्ञान भारतीय सेवा की हेल्प करेगा। मतलब आप स्टोरी तो देखो फेक इतनी लग रही है जैसे कि, यार सच में कोई कार्टून हो।

वह सब जाने दो लेकिन वही 15 साल जिसमें लगाई थी वही आइडियाको कबीर ने के पास पेश किया कि, यह क्लोन बनता है। यह इंडिया को बहुत हेल्प करेगा, या इंडिया की सैनिकों को बहुतहेल्प करेगा

यह विद्यान आगर अप यूज करते हो तो हमारे देश के सैनिकों को मरना नहीं पड़ेगा, हमारे देश के सैनिकों को शहीद नहीं होना पड़ेगा। यह विज्ञान आप यूज करके देखो। लेकिन भाई विलन है तो स्टोरी में होनेही क्या वाला था।

विलन को सीधा बोला गया नहीं। तो इसी चक्कर में उसे इतना गुस्सा आया कि, वह वही डिवाइस वही विज्ञान दुश्मन देश को बेचने चला गया। वह दुश्मन देश को बेचने चाहता था एक ऐसा विज्ञान जो उनका काम बनाएगा और उनकी हेल्प करेगा।

लेकिन जैसे ही कभी रात वह डिवाइस है तो वह विज्ञान बेचने जा रहा था उसे अक्षय और टाइगर ने रोक लिया और उनके होने वाली फाइट में कबीर का पूरा मुंह जल गया और मुह जलने के कारण वह तभी से ही मास्क पहनने लगा।

तो भाई उसके बाद कबीर उनके जैसा ही क्लोन बनता है जो बहुत ही शक्तिशाली होते हैं। एक बात लोगों ने नोटिस की और बहुत ही खराब लगी कि, अगर वह क्लोन ही है तो उनके हिलने डुलने पर चलने पर मशीन जैसे क्यों आवाज आती है।

जैसे कि वह रोबोट हो। इसपर फिल्म के बनाने वाले ने बिल्कुल भी ध्यान नहीं दिया लेकिन लोगों ने बहुत अच्छा पहचान लिया था। लोगों ने कहा कि यार इन्होंने फिल्म मैं मेहनत भी क्या की है।

और एक मजाक वाली बात बताओ कि, यह तो क्लोन है चलो मान भी लिया कि उनके हिलने डुलने से मशीन वाली आवाज आती है। लेकिन कबीर जो की, विलेन है जो कि आदमी है उसके चलने दौड़ने पर भी मशीन जैसी आवाज आती है। मतलब की भाई गजब।

उसमें एक सोनाक्षी काफी कैरेक्टर है वह वाकांडा जैसे एक ढाल बनाती है। जोशी डाल इंडिया के लिए उसने बनाई है वह पूरे इंडिया को प्रोटेक्ट करती है। 7 साल बाद जब कबीर वापस बदला लेने आता है तो ओबवियसली वो इंडिया से शील्ड कोड डीएक्टिवेट करना चाहेगा। कबीर का प्लान यह होता है कि डीएक्टिवेट करने के बाद वह कैसे भी करके इंडिया से वर्ल्ड वॉर 3 शुरू करेगा।

उसके बाद में होना ही क्या था अच्छाई जीत जाती है बुराई हार जाती है एक मस्त वाला गाना होता है और लास्ट में पार्ट 2 आएगा ऐसा हिंट भी दिया जाता है। मतलब भाई लोगों का तो दिमाग ही फिर गया इतनी बुरी पिक्चर पहले ही बना दी है और पिक्चर 2 भी देखनी पड़ेगी।

यह पिक्चर का लॉजिक बहुत ही खराब है। इतना खराब लॉजिक लगा कर यह पिक्चर कोई बनाही कैसे सकता हैं। यार इन्होंने पिक्चर बनाने से पहले सोचा भी था या नहीं की, यह सिर्फ पैसों के लिए पिक्चर बनाई गई है? ऐसा लगता है। यह पिक्चर यूके में बनाई गई है जहां पर टैक्स न के बराबर लगता है। मुझे तो ऐसा लगता है इसी वजह से उन्होंने यूके में पिक्चर बनाने का फैसला किया है क्योंकि पैसे बचेंगे।

आज तक एस्ट्रोलॉजी किसी ने भी नहीं लगाया कि रेगिस्तान में यहां पर फाइटिंग चल रही है एक-47 चला रहे हैं और बाद में पता क्या चलता है उन 40 बंदों में से हीरो को एक भी गोली नहीं लगती और यही नहीं बहुत सारे सिर्फ भी एक्शन सीन के मुकाबले बहुत ही बकवास है।

एक सीन तो ऐसा था जहां पर हीरो को बेड़ियों से बांदा होता है। वहां पर ब्रिज होता है जो बहुत चल रहा होता है। बेड़ियों से बंदे हुए टाइगर श्रॉफ और अक्षय कुमार होते हैं और जहां पर टाइगर श्रॉफ नीचे गिर जाता है उनके ऊपर ब्रिज गिरता है और बाद में वह दोनों भी छलांग लगाकर वापस आ जाते हैं।

वहां पर दोनों भी चलांग लगाकर जैसे ही बाहर आते हैं उनके सामने बहुत सारे दुश्मन होते हैं जो बंदूक की लेकर खड़े होते हैं। लेकिन मजे की बात यह है कि यह पिक्चर बहुत ही कार्टून एक लगती है क्योंकि जैसे ही वह बाहर आते हैं वह दुश्मन देखकर उन्हें गोलियां नहीं चलते बल्कि वेट करते हैं कि भाई “यह मतलब अभी-अभी बाहर आए हैं जरा फ्रेश होने देते हैं और बाद में इन पर हमला करते”

मतलब होता ही है कि अक्षय कुमार बंदूक उठाते हैं टाइगर श्रॉफ बंदूक उठाते हैं और उसके बाद लड़की भी बंदूक उठा लेती है और साथ में करने के लिए जाते हैं मतलब भाई लॉजिक का तो यहां पर कुछ लेना देना ही नहीं है मतलब बच्चों के लिए पिक्चर बनाई गई है बच्चे भी इसे देखकर पूरी ना देखे फिल्म।

एक्टर्स

यहां पर एक-एक कोई कैरेक्टर दिया गया है जहां पर एक ही अगर बोलना शुरू कर देना मतलब वह रखेंगे ही नहीं यह सब तो चलता है भाई एक मजाक कॉमेडी सीन में अगर कोई ऐसा कैरेक्टर है जो बोलता ही रहता है कभी रुकता नहीं लेकिन ऐसा पूरी फिल्म में दिखाना तो अच्छा नहीं लगेगा ना भाई एक्शन सीन हो डराओ मशीन हो यह बंदी रूकती ही नहीं है इस बंदे को जो कैरेक्टर दिया है उसे वह करना ही है मतलब यह पिक्चर में थोड़ा भी लॉजिक नहीं लगायागया।

अक्षय कुमार और टाइगर श्रॉफ के साथ फर्स्ट हाफ में जो सीन थे जिसे कॉमेडी सीन के लिए दिखाया गया था जो कॉमेडी सीन रेगिस्तान में होता था अक्षय कुमार और टाइगर श्रॉफ दोनों भी रेगिस्तान में कैमल से सवारी कर रहे थे। आप यह सीन देखते देखते आपका भी स्टैंडर्ड गिर जाएगा आपको भी इनके जोक से हंसी आएगी।

इनके जॉब में टाइगर श्रॉफ जरा होशियार बनने की कोशिश करते हैं और अपने सुपरस्टार अक्षय कुमार तो कॉमेडी में एक्सपर्ट है यह दोनों में जो कॉमेडी होती है उसे पर आपको हंसी भी आ सकती है और नहीं भी आ सकती क्योंकि कई लोगों को हंस रहे थे कई लोग हंसते रहे थे अब उनकी भी स्टैंडर्ड होते हैं हम क्या ही बोले लेकिन कॉमेडी सीन में से बढ़िया था।

कॉमेडी सीन में ऐसे दिखाया जा रहा था कि अक्षय कुमार बहुत ही बढ़िया जोक मार रहे हैं जो की है भी क्योंकि अक्षय कुमार को जो डायलॉग दिए गए थे जो अक्षय कुमार को बोलना था वह जोक के रूप में बहुत ही बढ़िया डिलीवर हो रहा था अक्षय कुमार वैसे ही कॉमेडी में एक्सपर्ट है और वह वहां पर दिख भी रहा था कि अक्षय कुमार इस द बेस्ट कॉमेडी आदमी।

इसी में टाइगर श्रॉफ भी बहुत ही अच्छे जोक मारते हैं हां आपको पसंद नहीं होगा क्योंकि बहुत सारे लोगों को टाइगर श्रॉफ पसंद नहीं है उनकी पूरी एक्टिंग की वजह से लेकिन इस कॉमेडी सीन में टाइगर श्रॉफ भी बहुत अच्छी एक्टिंग और कॉमेडी कर रहे थे लेकिन एक बात तो है इन 5% की अच्छी सीन की वजह से हम पूरी पिक्चर को अच्छा मन नहीं सकते।

लोग बोल रहे हैं कि यह सीन बहुत ही अच्छा है लेकिन इस सीन की वजह से हम पूरी पिक्चर की कमियों को छुप नहीं सकते सीन बढ़िया है लेकिन पिक्चर बहुत ही गलत लगी इसी वजह से आजकल इसके मूवी रिव्यूज भी बहुत ही खराब आ रही है इसकी वजह से उनके ज्यादा टिकट भी नही बिके।

Chote Miyan Bade Miyan Movie Review

छोटे मियां बड़े मियां निकली बहुत ही बुरी फिल्म है? Chote Miyan Bade Miyan Movie Review

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *